अजय त्रिपाठी।शहडोल जिले में पुलिस की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस हिरासत में मौजूद एक चोर कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए शहडोल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में तैनात दो कॉन्स्टेबलों को निलंबित कर दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सुबह के समय फरार चोर को दोबारा गिरफ्तार कर लिया।जानकारी के अनुसार, आरोपी चोर को पुलिस ने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के लिए लाया था। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी आरोपी की निगरानी में लापरवाही बरत रहे थे, जिसका फायदा उठाकर चोर भागने में सफल हो गया।चोर के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत जिलेभर में नाकाबंदी के निर्देश दिए और आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। वहीं इस मामले में प्राथमिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी की सुरक्षा में तैनात दो कॉन्स्टेबलों की गंभीर लापरवाही सामने आई है।एसपी ने बिना देरी किए दोनों कॉन्स्टेबलों को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में कहा कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस तरह की घटनाएं पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।इधर, पुलिस ने रातभर सघन तलाशी अभियान चलाया। आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई और मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। आखिरकार सुबह के समय पुलिस को सफलता मिली, जब फरार चोर को उसके ही इलाके से दोबारा पकड़ लिया गया। आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब आरोपी को कड़ी सुरक्षा में न्यायालय में पेश किया जाएगा, ताकि दोबारा इस तरह की लापरवाही न हो।इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि एसपी द्वारा त्वरित कार्रवाई और आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी से पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है और लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा सकती है।
