अजय त्रिपाठी /नागपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी की बड़ी बढ़त, कांग्रेस काफी पीछे, AIMIM ने भी दर्ज कराई मौजूदगीनागपुर।महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के तहत नागपुर नगर निगम (NMC) के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ी बढ़त बनाते हुए राजनीतिक ताकत का स्पष्ट प्रदर्शन किया है। 151 सदस्यीय नागपुर नगर निगम में बीजेपी 109 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस को अब तक 30 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है। चुनावी रुझानों से साफ है कि नागपुर में एक बार फिर बीजेपी का दबदबा कायम रहने वाला है।गौरतलब है कि नागपुर नगर निगम के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। यह मतदान सिर्फ नागपुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महाराष्ट्र की 28 अन्य नगर निगमों में भी एक साथ वोटिंग कराई गई थी। मतदान के बाद से ही मतगणना पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई थीं और शुरुआती रुझानों ने ही बीजेपी की मजबूत स्थिति साफ कर दी।बीजेपी का मजबूत गढ़ बना नागपुरनागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां बीजेपी की बढ़त को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। 109 सीटों पर बढ़त के साथ बीजेपी नगर निगम में स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है। अगर यही रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो बीजेपी बिना किसी गठबंधन के नगर निगम पर काबिज होगी।बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं में इन रुझानों के बाद उत्साह का माहौल है। पार्टी कार्यालयों में जश्न की तैयारी शुरू हो गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह जीत केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर जनता की मुहर है।कांग्रेस की कमजोर स्थितिवहीं कांग्रेस पार्टी नागपुर नगर निगम चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई है। कांग्रेस 30 सीटों पर आगे चल रही है, जो कि बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे नतीजों की समीक्षा करेंगे और भविष्य की रणनीति पर काम करेंगे।हालांकि कांग्रेस ने कुछ क्षेत्रों में कड़ा मुकाबला जरूर दिया, लेकिन कुल मिलाकर पार्टी बीजेपी के सामने कमजोर नजर आई। स्थानीय मुद्दों, संगठनात्मक कमजोरी और संसाधनों की कमी को कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह माना जा रहा है।AIMIM की एंट्री, चार उम्मीदवार आगेनागपुर नगर निगम चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। AIMIM ने इस चुनाव में 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से चार उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।AIMIM के जिन उम्मीदवारों को बढ़त मिल रही है, उनमेंअलीशा खान,रेशमा नंदगावली,सोफिया शेख औरपवन कोए शामिल हैं।AIMIM का यह प्रदर्शन पार्टी के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी ने सीमित सीटों पर ही चुनाव लड़ा था। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी ने कुछ खास इलाकों में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।ओवैसी की रैली का असरAIMIM के प्रदर्शन को पार्टी प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की नागपुर में हुई चुनावी रैली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान ओवैसी ने नागपुर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने अल्पसंख्यक अधिकारों, स्थानीय विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी की रैली और आक्रामक चुनाव प्रचार का असर AIMIM को मिला है, जिससे पार्टी अपने चार उम्मीदवारों को आगे ले जाने में सफल रही।अन्य दलों की स्थितिनागपुर नगर निगम चुनाव में अन्य छोटे दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे, लेकिन अब तक के रुझानों में उनका प्रदर्शन सीमित ही नजर आ रहा है। मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच रहा, जबकि AIMIM ने तीसरे मोर्चे के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।महाराष्ट्र की राजनीति पर असरनागपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। नागपुर जैसे बड़े नगर निगम में बीजेपी की मजबूत स्थिति पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए यह आत्ममंथन का मौका माना जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नगर निगम चुनाव भले ही स्थानीय स्तर के हों, लेकिन इनके नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।मतगणना जारी, अंतिम नतीजों का इंतजारफिलहाल मतगणना की प्रक्रिया जारी है और अंतिम नतीजों का औपचारिक ऐलान होना बाकी है। हालांकि अब तक के रुझानों ने तस्वीर लगभग साफ कर दी है। नागपुर नगर निगम में बीजेपी की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, सीटों के आंकड़ों में हल्का-फुल्का बदलाव संभव है, लेकिन कुल मिलाकर सत्ता का समीकरण बदलता नजर नहीं आ रहा। नागपुर की जनता ने इस बार भी बड़े जनादेश के जरिए अपना फैसला सुना दिया है।
